चक्रम ने सीखा कि बिना साक्ष्य के अंधविश्वास नहीं मानना चाहिए।

हम सब कई बातों को सुनते हैं और उन पर विश्वास करने लगते हैं। समाज में ऐसी कई बातें होती हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक या प्रामाणिक आधार नहीं होता है, लेकिन लोग आंखें मूंद कर उनमें भरोसा करते हैं। इस बार चक्रम से मिलने आये कुछ कौए। कौए! अरे वही जो काँव-काँव करते हैं। उनकी क्या बातचीत हुई, आइये पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

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