अपने मित्र के साथ भेदभाव होता देख चक्रम ने क्या प्रतिक्रिया दी, देखिए और जानें?

जब से चक्रम ने देखा है कि समाज में छुआछूत होती है और अलग अलग लोगों के साथ अलग-अलग
बर्ताव होता है, तब से उसे व्यक्ति और समाज के व्यवहार को समझने का सलीका आ गया। चक्रम ने
अपने स्कूल में भेदभाव को कैसा पहचाना, जानिये नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

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