होम / नागरिक चक्रम भाग 11: भूमिका
चक्रम ने यह समझा कि समाज के कुछ लोग अति-धार्मिकता और प्रेम जैसे शब्दों के वास्तविक अर्थ को सही ढंग से नहीं समझ पाते, जिसके परिणामस्वरूप अन्य लोगों को भी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।है

चक्रम अपनी किताबों को बस परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए नहीं पढ़ता है। उसे इनसे अपने देश-समाज-पर्यावरण के बारे में जानने में मदद मिलती। बाकी के बच्चे शायद उस तरह से नहीं पढ़ते। चक्रम किताबों की बातें पढ़ता और स्कूल की व्यवस्था की तरफ देखता, तो उसे लगता कि अच्छी बातों और हमारे व्यवहार में इतना फर्क क्यों है? चक्रम ने कक्षा में क्या देखा, देखते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

Similar Posts

  • बौद्ध धर्म की दृष्टि में संवैधानिक मूल्‍य

    बाबा साहेब अम्बेडकर संवैधानिक मूल्यों के माध्यम से एक सामंजस्यपूर्ण भारतीय राष्ट्र की स्थापना करना चाहते थे। उन्हें अहसास था कि यदि समाज के अंतर्निहित विरोधाभासों से प्रभावी ढंग से नहीं निपटा गया तो संविधान के उच्‍च आदर्श अधूरे रह जाएंगे।

  • नागरिक चक्रम भाग 10: बंधुत्व  

    नागरिक चक्रम की कहानियां एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

  • कथानक निर्माण के दौर में एआई और मनुष्‍यता पर संकट

    विकास संवाद द्वारा आयोजित 17 वें नेशनल कान्‍क्लेव में चर्चित लेखक और न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. अजय सोडानी ने ‘कथानक निर्माण के दौर में मनुष्यता: एचआई बनाम एआई’ विषय पर संवाद किया। मनुष्‍यता पर मंडरा रहे आधुनिक संकट को समझने के लिए यह व्‍याख्‍यान बेहद महत्‍वपूर्ण कड़ी है।

  • मैत्री की शिक्षा संभव, इसका विस्‍तार करना असली चुनौती

    प्रख्यात शिक्षाविद अमन मदान ने विकास संवाद द्वारा आयोजित ‘बाल अधिकार मीडिया अवार्ड’ कार्यक्रम में ‘मैत्री की शिक्षा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्‍होंने कहा, “मैत्री की शिक्षा संभव है लेकिन वास्तविक चुनौती इसकी शिक्षा की नहीं इसके विस्तार की है क्योंकि हमारा देश, समाज, संविधान और सारा विश्व मैत्री के मूल्य से ही संचालित हो सकता है।”

  • नागरिक चक्रम भाग 7: ऊंची अदालत

    नागरिक चक्रम की कहानियां एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *