होम / नागरिक चक्रम भाग 9: पंद्रह अगस्त 
चक्रम ने जाना की नागरिक होने का क्या अर्थ होता है?

जब कोई व्यक्ति सचमुच सोचने लगता है कि हमें अपने देश और समाज को ऐसा बनाना है, जिसमें सभी का सम्मान हो, सभी समान हों; तब वह अपनी सोच को सवालों के रूप में सबके सामने लाने लगता है। स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में नागरिक चक्रम ने एक सवाल सबसे पूछ लिया। क्या था वह सवाल, आइये पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की आज की कहानी में।

Similar Posts

  • नागरिक चक्रम भाग 11: भूमिका

    नागरिक चक्रम की कहानियां एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

  • क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?‌

    आज पूरा देश संविधान दिवस मना रहा है। संविधान दिवस यानी 26 नवंबर का दिन। सन 1949 में आज ही के दिन हमने अपने संविधान को अपनाया था। वही संविधान जो वर्षों तक चली बैठकों, सघन बहसों और वाद-विवाद के बाद हमारे सामने आया था।

  • बाइस जुलाई: तिरंगे को अपनाने का दिन

    भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को औपचारिक रूप से तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। 23 जुलाई को इसे पहली बार औपचारिक रूप से फहराया गया। राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण की पूरी कहानी बहुत दिलचस्प है। 1857 के पहले स्वतंत्रता आंदोलन के पहले देश की विभिन्न रियासतों और राज्यों के अपने-अपने ध्वज थे। विडंबना ही है कि संपूर्ण भारत को उसका पहला ध्वज साम्राज्यवादी अंग्रेजी शासन ने दिया। नीले रंग के इस झंडे में बांयी ओर ऊपर यूनियन जैक बना था जबकि दाहिने हिस्से के बीच में ब्रिटिश क्राउन में स्टार ऑफ इंडिया का चित्र बना था।

  • संविधान और हम-3 : संविधान निर्माण और संविधान सभा की बहसें

    भारतीय संविधान को जानने,मानने और अपनाने के लिए ‘संविधान संवाद’ की पहल ‘संविधान और हम’ वीडियो शृंखला की आठ कड़ियों में हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं संविधान निर्माण की प्रक्रिया का लेखा जोखा। संविधान सभा की बहस को जानना का उपक्रम है यह एपिसोड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *