आंखों देखी

  • जहां कभी मजदूरी की लगती थी भीड़, अब वहां गूंजती है पढ़ाई की आवाज

    खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र स्थित आदिवासी गांव रायसागर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिस आंगन से बच्चे सुबह-सुबह पिकअप वाहनों में बैठकर मजदूरी करने जाते थे….

  • चिकित्सा का पेशा और जाति का जहर

    संविधान भले ही समता और समानता की बात कहता है लेकिन आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो जाति के आधार पर दूसरों से भेदभाव करते हैं…

  • आलोक का सपना और हमारा संविधान

    देश के कई प्रतिभाशाली बच्चों की प्रतिभा उचित अवसर और संसाधनों के अभाव में दम तोड़ देती है। वह हमारा संविधान ही है जो सभी नागरिकों को समान अवसर देता है…

  • स्मार्ट असमानता

    कोरोना काल में जब देशव्यापी लॉकडाउन लगा और एक झटके में स्कूल बंद करके ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गयी तब किसी ने यह नहीं सोचा कि देश की आबादी का एक बड़ा…

  • दोपहिया पर प्रसव

    संविधान में लिखी इबारत और सामाजिक हकीकत के बीच बहुत बड़ी खाई है। संविधान की नजर में भले ही सभी नागरिक समान हों लेकिन समाज उनके शैक्षणिक…

  • बहुसंख्यक अधर्म

    धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान का आधारभूत ढांचा है। संविधान सभी धर्मों और धार्मिक समुदायों को एक समान मानता है और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव…

  • पन्ना जिले के रानीपुर गाँव की कहानी

    सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गयी व्याख्या के अनुसार जल एक मौलिक मानव अधिकार है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीवन के अधिकार का महत्वपूर्ण अंग है…

  • किशोरावस्था में अपराध और दो दशक की जेल

    पिछले दिनों आगरा जेल में में बंद 13 लोगों ने अपनी आजादी और सम्मान की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगाई। इन कैदियों के बारे में यह सिद्ध हो चुका था…

  • सवाल करना जानलेवा हो सकता है!

    कानपुर के रहने वाले कारोबारी मनीष गुप्ता कारोबार और एक मित्र से मिलने के उद्देश्य से 27 सितंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर पहुंचे थे…