होम / कथानक निर्माण के दौर में एआई और मनुष्‍यता पर संकट

विकास संवाद द्वारा आयोजित 17 वें नेशनल कान्क्लेव का संवाद सत्र

विकास संवाद द्वारा आयोजित 26 से 28 जनवरी 2024 को सुखतवा में आयोजित 17 वें नेशनल कान्‍क्लेव में ‘दर्रा-दर्रा हिमालय’, ‘दरकते हिमालय पर दर-ब-दर’ व ‘इरिणालोक’ जैसे चर्चित यात्रा-आख्यानों के लेखक और न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. अजय सोडानी ने ‘कथानक निर्माण के दौर में मनुष्यता: एचआई बनाम एआई’ विषय पर संवाद किया। उन्होंने विचारोत्‍तेजक संबोधन में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित नई तकनीक का विकसित होना कैसे मनुष्यता के लिए कई किस्म के संकटों को खड़ा कर रहा है। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मनुष्य पर खतरे की बात कर रहे हैं लेकिन मनुष्यता पर उसके खतरे पर बात नहीं हो रही है। हम बार बार केवल ये कहते रहें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारा मालिक बन रहा है लेकिन उसको लेकर कुछ भी नहीं करें तो ये सही नहीं है। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की केवल बुराई या दिक्कत को सोचते रहने से काम नहीं चलेगा। हमें इसे गहराई से समझना होगा।

No comments to show.

Similar Posts

  • संविधान और हम-3 : संविधान निर्माण और संविधान सभा की बहसें

    भारतीय संविधान को जानने,मानने और अपनाने के लिए ‘संविधान संवाद’ की पहल ‘संविधान और हम’ वीडियो शृंखला की आठ कड़ियों में हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं संविधान निर्माण की प्रक्रिया का लेखा जोखा। संविधान सभा की बहस को जानना का उपक्रम है यह एपिसोड।

  • डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और संविधान

    संविधान के साथ डॉ. बी. आर. अम्बेडकर का नाम इस प्रकार जुड़ा हुआ है कि दोनों को एक दूसरे के बिना अधूरा कहा जा सकता है। उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता भी कहा जाता है। अक्सर यह सुनने में आता है कि भारत के संविधान का निर्माण डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने किया। परंतु क्या यह पूरा सच है?

  • संविधान सभा में डॉ. अम्बेडकर का अंतिम संबोधन

    डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि वह यह नहीं कहते कि संसदीय लोकतंत्र का सिद्धांत राजनीतिक लोकतंत्र के लिए एकमात्र आदर्श व्यवस्था है। संविधान सभा में हुई सार्थक चर्चाओं को लेकर अम्बेडकर की राय हमें जरूर यह बताती है कि वह इस व्यवस्था के हामी थे।

  • संविधान और हम-1 भारतीय संविधान: ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ

    भारतीय संविधान को जानने,मानने और अपनाने के लिए ‘संविधान संवाद’ की पहल ‘संविधान और हम’ वीडियो शृंखला की आठ कड़ियों में हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं संविधान निर्माण की प्रक्रिया से लेकर महत्‍वपूर्ण प्रावधानों और उसमें हुए संशोधनों का लेखा जोखा।

  • मैत्री की शिक्षा संभव, इसका विस्‍तार करना असली चुनौती

    प्रख्यात शिक्षाविद अमन मदान ने विकास संवाद द्वारा आयोजित ‘बाल अधिकार मीडिया अवार्ड’ कार्यक्रम में ‘मैत्री की शिक्षा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्‍होंने कहा, “मैत्री की शिक्षा संभव है लेकिन वास्तविक चुनौती इसकी शिक्षा की नहीं इसके विस्तार की है क्योंकि हमारा देश, समाज, संविधान और सारा विश्व मैत्री के मूल्य से ही संचालित हो सकता है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *