होम / मेंढा लेखा का सच: ग्राम स्वराज की कहानी देवाजी की जुबानी 

विकास संवाद द्वारा आयोजित 17 वें नेशनल कान्क्लेव का संवाद सत्र

महात्‍मा गांधी ने जिस ग्राम स्‍वराज की कल्‍पना की थी उसे हकीकत में बदलना देखना है तो हमें महाराष्‍ट्र के मेंढा लेखा जाना चाहिए। विदर्भ का यह गांव मेंढा (लेखा) नक्सल प्रभावित गडचिरोली जिले का हिस्‍सा है। इस गांव की पहचान यहां की सरकार है। यहां की सरकार मतलब ग्राम सभा। ‘दिल्ली-मुंबई आमचा सरकार, आमच्या गावात आम्हीच सरकार’ । मतलब केंद्र और राज्‍य में हमारी सरकार तो हमारे गांव में हम ही सरकार। अपनी सरकार है तो तय किया गया कि गांव के सारे निर्णय बहुमत से नहीं सर्वसम्‍मति से होंगे। आज यह गांव एक नजीर बना हुआ है।

इस पूरे अभियान के मुख्‍य कर्ताधर्ता रहे देवाजी टोफा विकास संवाद द्वारा आयोजित 17वें नेशनल कान्क्लेव में शामिल हुए। मेंढा लेखा के ग्राम स्‍वराज की कहानी सुनना सभी के लिए बेहद खास अनुभव बन गया।

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