होम / नागरिक चक्रम भाग 6: दर्जी
चक्रम ने समझा कि सीख किसी भी व्यक्ति या परिस्थिति से मिल सकती है।

जब ध्यान से देखते हैं, तब अहसास होता है कि देश-दुनिया और इंसान की गहराई कितनी है? इनकी गहराई उतनी ही है, जितना कि महसूस किया जा सकता है। बहुत सारी बातें छुई या पकड़ी या कैद नहीं की जा सकती हैं, जैसे ब्रहमांड की सीमा को मापा नहीं जा सका है। चक्रम कोई अवतार नहीं है। वह एक नागरिक है क्योंकि वह महसूस कर सकता है। चक्रम क्या-क्या महसूस कर सकता है, पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

Similar Posts

  • मैत्री की शिक्षा संभव, इसका विस्‍तार करना असली चुनौती

    प्रख्यात शिक्षाविद अमन मदान ने विकास संवाद द्वारा आयोजित ‘बाल अधिकार मीडिया अवार्ड’ कार्यक्रम में ‘मैत्री की शिक्षा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्‍होंने कहा, “मैत्री की शिक्षा संभव है लेकिन वास्तविक चुनौती इसकी शिक्षा की नहीं इसके विस्तार की है क्योंकि हमारा देश, समाज, संविधान और सारा विश्व मैत्री के मूल्य से ही संचालित हो सकता है।”

  • नागरिक चक्रम भाग 10: बंधुत्व  

    नागरिक चक्रम की कहानियां एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

  • नागरिक चक्रम भाग 5: अंधविश्वास

    हम सब कई बातों को सुनते हैं और उन पर विश्वास करने लगते हैं। समाज में ऐसी कई बातें होती हैं,
    जिनका कोई वैज्ञानिक या प्रामाणिक आधार नहीं होता है, लेकिन लोग आंखें मूंद कर उनमें भरोसा करते हैं। इस बार चक्रम से मिलने आये कुछ कौए। कौए! अरे वही जो काँव-काँव करते हैं। उनकी क्या बातचीत हुई, आइये पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

  • नागरिक चक्रम भाग 3 : फर्ज

    नागरिक चक्रम की कहानियां दरअसल एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *