होम / नागरिक चक्रम भाग 7: ऊंची अदालत
चक्रम ने जाना कि किसी भी समस्या का समाधान पाने में अदालत हमारी मदद करती है।

जब भी चक्रम देश का नक्शा देखता, तब उसे उसमें केवल प्रदेशों की सीमाएं नहीं दिखतीं। उसे देश के नक़्शे में हज़ारों-लाखों सीमा रेखाएं दिखतीं। ये सीमाएं थीं आर्थिक विभाजन की, सामाजिक विभाजन की, लैंगिक विभाजन की, भौगोलिक विभाजन की; लेकिन उसने अपने गांव में विभाजन की सीमारेखा को पहचाना और उसे मिटाने के लिए न्यायपालिका का रुख किया; कैसे? आइये पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

Similar Posts

  • संविधान और हम-1 भारतीय संविधान: ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ

    भारतीय संविधान को जानने,मानने और अपनाने के लिए ‘संविधान संवाद’ की पहल ‘संविधान और हम’ वीडियो शृंखला की आठ कड़ियों में हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं संविधान निर्माण की प्रक्रिया से लेकर महत्‍वपूर्ण प्रावधानों और उसमें हुए संशोधनों का लेखा जोखा।

  • हिंदी दिवस: राज भाषा निर्माण का संघर्ष

    जिस समय भारत ब्रिटिश उपनिवेशवाद से आज़ाद हो रहा था और एक नए राष्ट्र के रूप में उसका एकीकरण हो रहा था, ठीक उसी समय पहली बार भारत की राज भाषा और राष्ट्र भाषा का प्रश्न खड़ा हुआ। संविधान सभा में हिंदी और अहिंदीभाषी सदस्यों के बीच लंबी बहस के बाद हिंदी को राज भाषा बनाने पर सहमति बन सकी।

  • मेंढा लेखा का सच: ग्राम स्वराज की कहानी देवाजी की जुबानी 

    विकास संवाद द्वारा आयोजित 17वें नेशनल कान्क्लेव में महाराष्ट्र के मेंढा लेखा गांव के देवाजी टोफा का व्याख्यान। इस व्याख्यान में उन्होंने दिलचस्प अंदाज में बताया है कि कैसे अपने गांव में ग्राम स्वराज का सपना साकार किया। 

  • चुनाव रिपोर्टिंग और संवैधानिक मूल्य

    सवाल उठता है कि चुनाव‍ रिपोर्टिंग को क्या संवैधानिक मूल्यों के हिसाब किया और परखा जा सकता है? क्या यह संभव है और नैतिक दृष्टि से यह कितना जरूरी है? खासकर तब कि जब चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से उसके समाप्त होने का पूरा ताना बाना आजकल बाजार की शक्तियों से संचालित होने लगा है।

  • बाइस जुलाई: तिरंगे को अपनाने का दिन

    भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को औपचारिक रूप से तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। 23 जुलाई को इसे पहली बार औपचारिक रूप से फहराया गया। राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण की पूरी कहानी बहुत दिलचस्प है। 1857 के पहले स्वतंत्रता आंदोलन के पहले देश की विभिन्न रियासतों और राज्यों के अपने-अपने ध्वज थे। विडंबना ही है कि संपूर्ण भारत को उसका पहला ध्वज साम्राज्यवादी अंग्रेजी शासन ने दिया। नीले रंग के इस झंडे में बांयी ओर ऊपर यूनियन जैक बना था जबकि दाहिने हिस्से के बीच में ब्रिटिश क्राउन में स्टार ऑफ इंडिया का चित्र बना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *