
बंधुता: अर्थ और व्यवहार
भारत के नागरिकों के संदर्भ में बंधुता का अर्थ क्या है? बंधुता का अर्थ है विविधताओं से भरे इस विशाल देश के सभी नागरिकों में बंधुत्व की भावना यानी भाई-चारे और बहनापे की भावना का विकास। सभी द्वारा एक-दूसरे का आदर, परस्पर सम्मान और एक-दूसरे की गरिमा का पूरा ध्यान रखना। यदि देश के सभी नागरिकों में यह भावना रहेगी तभी उनकी व्यक्तिगत गरिमा के साथ-साथ देश के सामूहिक गौरव यानी उसकी एकता और अखंडता का भी समुचित ध्यान रखा जा सकेगा। इस पुस्तिका के माध्यम से हम यह जान सकेंगे कि डॉ. अम्बेडकर ने बंधुता को इतना महत्वपूर्ण मूल्य क्यों माना?
- नागरिक चक्रम भाग 13: प्रतिस्पर्धा नहीं स्पर्धा
- नागरिक चक्रम भाग 12: अति धार्मिकता और प्रेम
- नागरिक चक्रम भाग 11: भूमिका
- नागरिक चक्रम भाग 10: बंधुत्व
- नागरिक चक्रम भाग 9: पंद्रह अगस्त
