होम / मूल्‍ययुक्‍त समाज: आपके लिए क्‍या है न्‍याय का अर्थ?

आप संवैधानिक मूल्‍यों से क्‍या समझते हैं? क्‍या इन मूल्‍यों को जानने के लिए किसी शोध की आवश्‍यकता है? इस प्रश्‍न का उत्‍तर होगा, नहीं। हम संवैधानिक मूल्‍यों को अपनी भाषा में, अपनी तरह से जानेंगे और समझेंगे तो उन्हें अधिक आत्‍मसात कर पाएंग। जैसे, न्‍याय का हमारे लिए क्‍या अर्थ है? क्‍या हम अपने लिए न्‍याय मांगें तो सही और दूसरे अपने लिए न्‍याय की उम्‍मीद करें तो अनुचित है? 

Similar Posts

  • नागरिक चक्रम भाग 4: जाति

    नागरिक चक्रम की कहानियां दरअसल एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

  • नागरिक चक्रम भाग 5: अंधविश्वास

    हम सब कई बातों को सुनते हैं और उन पर विश्वास करने लगते हैं। समाज में ऐसी कई बातें होती हैं,
    जिनका कोई वैज्ञानिक या प्रामाणिक आधार नहीं होता है, लेकिन लोग आंखें मूंद कर उनमें भरोसा करते हैं। इस बार चक्रम से मिलने आये कुछ कौए। कौए! अरे वही जो काँव-काँव करते हैं। उनकी क्या बातचीत हुई, आइये पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

  • नागरिक चक्रम भाग 6: दर्जी

    नागरिक चक्रम की कहानियां एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

  • नागरिक चक्रम भाग 7: ऊंची अदालत

    नागरिक चक्रम की कहानियां एक ऐसे किशोर की कहानियां हैं जो नागरिक बनने की प्रक्रिया में है। वह प्रश्नों के उत्तर खोजने की इच्छा भी रखता है।

  • संविधान और हम-4 : संविधान की उद्देशिका

    संविधान की उ‌द्देशिका में विशाल भारतीय संविधान का सार तत्व संग्रहित है। यह उन उ‌द्देश्यों का उल्लेख करता है जिन्हें प्राप्त करने के लिए हम प्रयासरत हैं। संविधान की उद्देशिका से परिचय गहरा करवाने का प्रयास है यह एपिसोड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *