चक्रम ने जाना कि किसी भी समस्या का समाधान पाने में अदालत हमारी मदद करती है।

जब भी चक्रम देश का नक्शा देखता, तब उसे उसमें केवल प्रदेशों की सीमाएं नहीं दिखतीं। उसे देश के नक़्शे में हज़ारों-लाखों सीमा रेखाएं दिखतीं। ये सीमाएं थीं आर्थिक विभाजन की, सामाजिक विभाजन की, लैंगिक विभाजन की, भौगोलिक विभाजन की; लेकिन उसने अपने गांव में विभाजन की सीमारेखा को पहचाना और उसे मिटाने के लिए न्यायपालिका का रुख किया; कैसे? आइये पढ़ते हैं नागरिक चक्रम की इस कहानी में।

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