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भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

संविधान निर्माताओं ने नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के लिए और समाज के प्रत्येक सदस्य को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय दिलाने के लिए मूल अधिकारों को अपनाया। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 से 35 तक नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है। ये अधिकार हैं: समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, सांस्कृतिक और शैक्षणिक अधिकार तथा संवैधानिक उपचारों का अधिकार। मूल अधिकार केवल आपात की उ‌द्घोषणा के दौरान तथा संविधान में उल्लिखित विधि से ही निलंबित किए जा सकते हैं।

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