होम / संविधान और हम-4 : संविधान की उद्देशिका

संविधान निर्माण प्रक्रिया और संविधान सभा की बहसें

भारतीय संविधान की उ‌द्देशिका को उसकी आत्मा कहा जाता है। संविधान की आत्मा उस दर्शन और उन मूल्यों का उल्लेख करती है जो हमारे संविधान में शामिल हैं तथा जो एक देश, समाज और यहां तक कि व्यक्ति के रूप में हमारे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। संविधान की उ‌द्देशिका में इस विशाल संविधान का सार तत्व संग्रहित है। यह उन उ‌द्देश्यों का उल्लेख करता है जिन्हें प्राप्त करने के लिए हम प्रयासरत हैं। संविधान की उद्देशिका से परिचय गहरा करवाने का प्रयास है यह एपिसोड।

No comments to show.

Similar Posts

  • डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और संविधान

    संविधान के साथ डॉ. बी. आर. अम्बेडकर का नाम इस प्रकार जुड़ा हुआ है कि दोनों को एक दूसरे के बिना अधूरा कहा जा सकता है। उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता भी कहा जाता है। अक्सर यह सुनने में आता है कि भारत के संविधान का निर्माण डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने किया। परंतु क्या यह पूरा सच है?

  • मेंढा लेखा का सच: ग्राम स्वराज की कहानी देवाजी की जुबानी 

    विकास संवाद द्वारा आयोजित 17वें नेशनल कान्क्लेव में महाराष्ट्र के मेंढा लेखा गांव के देवाजी टोफा का व्याख्यान। इस व्याख्यान में उन्होंने दिलचस्प अंदाज में बताया है कि कैसे अपने गांव में ग्राम स्वराज का सपना साकार किया। 

  • हिंदी दिवस: राज भाषा निर्माण का संघर्ष

    जिस समय भारत ब्रिटिश उपनिवेशवाद से आज़ाद हो रहा था और एक नए राष्ट्र के रूप में उसका एकीकरण हो रहा था, ठीक उसी समय पहली बार भारत की राज भाषा और राष्ट्र भाषा का प्रश्न खड़ा हुआ। संविधान सभा में हिंदी और अहिंदीभाषी सदस्यों के बीच लंबी बहस के बाद हिंदी को राज भाषा बनाने पर सहमति बन सकी।

  • स्वतंत्र भारत का गांधीवादी संविधान

    श्रीमन नारायण अग्रवाल ने गांधी के रामराज्य को परिभाषित करते हुए लिखा है, ‘‘धार्मिक आधार पर इसे धरती पर ईश्वर के शासन के रूप में समझा जा सकता है। राजनीतिक तौर पर इसका अर्थ है एक संपूर्ण लोकतंत्र जहां रंग, नस्ल, संपत्ति, लिंग के आधार पर कोई भेदभाव न हो। जहां जनता का शासन हो। तत्काल और कम खर्च में न्याय मिले। उपासना की, बोलने की और प्रेस को आजादी मिले और यह सब आत्मनियमन से हो। ऐसा राज्य सत्य और अहिंसा पर निर्मित हो और वहां ग्राम और समुदाय प्रसन्न और समृद्ध हों।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *